हमारे बारे में

स्‍थापना

संसद ने अपने गणतत्र के चौदहवें वर्ष में वस्‍त्र समिति अधिनियम, 1963 (1963 का 41) बनाया था, जिसे 3 दिसंबर,1963 को राष्‍ट्रपति की अनुमति प्राप्‍त हुई थी और 4 दिसंबर, 1963 को यह भारत के राजपत्र में प्रकाशित हुआ था । वस्‍त्र समिति ने एक संगठन के रुप में 22 अगस्‍त, 1964 से अपना कार्य शुरु किया । अधिनियम की धारा 3 के अनुसार वस्‍त्र समिति एक सांविधिक निकाय है और इसे शाश्‍वत उत्‍तराधिकार प्राप्‍त है । वस्‍त्र समिति, वस्‍त्र मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियत्रण में है ।

कार्य

वस्‍त्र समिति का मुख्‍य उद्देश्‍य देशी तथा निर्यात दोनों के लिए बने वस्‍त्रों तथा वस्‍त्र मशीनरी की गुणवत्‍ता सुनिश्चित करना है । वस्‍त्र समिति को अपने मुख्‍य कार्य वस्‍त्रों तथा वस्‍त्र मशीनरी की गुणवत्‍ता सुनिश्चित करने के अलावा अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत निम्‍न प्रकार के कार्य सौंपे गए हैं ।

  1. वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकीय और आर्थिक अनुसंधान करना, इसमें सहायता करना और इसको प्रोत्‍साहन देना;
  2. वस्‍त्रों, वस्‍त्र मशीनरी तथा पैकिंग सामग्री के लिए मानक विनिर्देश स्‍थापित करना;
  3. वस्‍त्रों तथा वस्‍त्र मशीनरी के परीक्षण के लिए प्रयोगशालाऍं स्‍थापित करना;
  4. गुणवत्‍ता नियंत्रण तकनीक में प्रशिक्षण देने की व्‍यवस्‍था करना;
  5. वस्‍त्रों तथा वस्‍त्र मशीनरी के लिए निरीक्षण और परीक्षण की व्‍यवस्‍था करना ;
  6. वस्‍त्रों के निर्यात को बढ़ावा देना;
  7. ऑंकड़े जुटाना और
  8. केन्‍द्रीय सरकार को वस्‍त्रों तथा वस्‍त्र मशीनरी आदि से संबंधित विषयों पर परामर्श देना। 

प्रबंधन

वस्‍त्र समिति, वस्‍त्र मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में है । अधिनियम की धारा 3(3)  तथा वस्‍त्र समिति नियम, 1965 के नियम 3 के तहत वस्‍त्र समिति का व्‍यवस्‍थापन 29 सदस्‍यों की एक समिति द्वारा किया जाता है । इसका अध्‍यक्ष उद्योग क्षेत्र से होता है । तथा उपाध्‍यक्ष  पदेन होता है और सदस्‍य सचिव संगठन का मुख्‍य कार्यपालक होता है । विभिन्‍न वस्‍त्र परिसंघों, निर्यात संवर्धन परिषदों आदि से भी 12 पदेन सदस्‍य होत हैं  और अन्‍य 14 सदस्‍य होते हैं जो लगभग सभी वस्‍त्र क्षेत्रों का प्रतिनिधित्‍व करते हैं । समिति को स्‍थायी समिति तथा तदर्थ समितियॉं गठित करने का अधिकार है । 

कार्यालय संरचना

वस्‍त्र समिति का मुख्‍यालय मुंबई में है । प्रमुख वस्‍त्र विनिर्माता/निर्यात केन्‍द्रों पर इसके 29  अन्‍य कार्यालय हैं । इनमें से 18 में वस्‍त्र परीक्षण प्रयोगशालाऍं हैं जिनमें 9 इको पैरामीटर परीक्षण प्रयोगशालाऍं हैं ।

कार्यात्‍मक विभाग

वस्‍त्र समिति के कार्य निम्‍नांकित विभागों द्वारा किए जाते हैं :-

  1. कार्मिक तथा स्‍थापना विभाग
  2. गृह देखरेख विभाग
  3. सतर्कता विभाग
  4. हिन्‍दी अनुभाग l
  5. वित्‍त तथा लेखा विभाग
  6. निर्यात संवर्धन एवं गुणवत्‍ता आश्‍वासन विभाग
  7. प्रयोगशाला विभाग
  8. कुल गुणवत्‍ता प्रबंधन विभाग
  9. बाजार अनुसंधान विभाग और
  10. मानव संसाधन विकास  एवं जन संपर्क विभाग

उपर्युक्‍त विभागों के अतिरिक्‍त, वस्‍त्र समिति, मुंबई में एक सुसज्जित पुस्‍तकालय भी है । जिसमें तकनीकी पुस्‍तकें, वस्‍त्रों पर नियम पुस्‍तकें हैं । इसके अलावा पुस्‍तकालय में वस्‍त्र से संबंधित नियतकालिक पत्रिकाऍं भी खरीदी जाती हैं, जो विनिर्माताओं के लिए उपयोगी हैं ।